क्रिया Verb in hindi


क्रिया Verb in hindi

परिभाषाकिसी काम का करना या होना पाया जाए उसे क्रिया कहते है।
जैसे – खाना,पिना,रोना,दौड़ना
सुबह चार बजे से लेकर रात को सोने से पहले जो कार्य करते है उसे क्रिया कहते है 
रचना की दृष्टि से क्रिया दो प्रकार की होती है
1) सकर्मक क्रिया
2)  अकर्मक क्रिया 

अर्थ के आधार पर क्रिया – छः प्रकार की होती है।

1)  द्वितिय कर्मक क्रिया

2)  प्रेरणार्थक या आज्ञार्थक क्रिया 

3 पूर्वकालिक क्रिया 

4 नाम धातु क्रिया 

5 संयुक्त क्रिया 

6 सहायक क्रिया 

रचना की दृष्टि से क्रिया दो प्रकार की होती है
1)  सकर्मक क्रिया 
परिभाषा – वे क्रियाएँ जो वाक्य में अपने साथ अपना कर्म लेकर आती है उन क्रियाओं को सकर्मक क्रिया कहते है।
उदाहरण –
मोहन पुस्तक पढ़ता है।
अनील दूध पीता है।
नोट – जिन वाक्यों मे कर्म की सम्भावना पाई जाए उन वाक्यों में भी सकर्मक क्रिया होती है 
उदाहरण – मोहन पढ़ता है
इस वाक्य में पढ़ने की सम्भावना है।  मोहन को पढ़ने के लिए कुछ चाहिए ।और कुछ चाहिए ही कर्म होता है।

2) अकर्मक क्रिया
परिभाषा – वे क्रिया जिनका कोई कर्म होता ही नहीं अर्थात इस प्रकार की क्रिया स्वभाविक होती है,प्राकृतिक होती है, स्वत ही होती है
उदाहरण –
मोहन हंसता है।
लड़की शर्माती है।
बच्चे रोते है।
बच्चे चिल्लाते है।
सोना,जागना, उठना, बैठना, हंसना, चिल्लाना, रोना,षर्माना, मुस्कुराना, अकड़ना, बनना, दौड़ना,भागना, चमकना, पढ़ना, आया, गया, ठहरना,डरना, जीना, मरना, क्षीण होना, अच्छा लगना,कूदना, उड़ना, उदय,होना, अस्त होना,घबराना,झीकना, थूकना, काँपना, ठिठुरना
पहचान – 
नोट – 1 क्या से प्रशन करने के बाद उत्तर मिले तो सक्रमक क्रिया होती है।
      2 क्या से प्रशन करने के बाद उत्तर न मिले तो अक्रमक होगी।

अर्थ के आधार पर क्रिया – छः प्रकार की होती है।
1)  द्वितिय कर्मक क्रिया – 
परिभाषा – जिन क्रिया शब्दो के साथ दो कर्म जुड़े हो तो वहाँ द्विकर्मक क्रिया होती है।
नोट – जहाँ प्रशन कि दो उत्तर मिले वहाँ द्विकर्मक क्रिया होती है।
उदाहरण 
राम ने सीता को फूल दिया।
अध्यापक छात्रों को व्याकरण पढ़ाते है।
2)  प्रेरणार्थक या आज्ञार्थक क्रिया 
परिभाषा – जब वाक्य मके कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी अन्य व्यक्ति से कार्य करवाता है वहां प्रेरणार्थक क्रिया होती है।
उदाहरण –
अध्यापक छात्र से पुस्तक पढ़वाता है।
मालीक नौकर से पानी मगवाता है।
3 पूर्वकालिक क्रिया 
परिभाषा – जब वाक्य में कर्ता एक कार्य समाप्त करके उसी पल दूसरा कार्य प्रारम्भ करे वहां पर पूर्व कालीक क्रिया होती है। 
नोट पहले वाली क्रिया के साथ कर करके ये शब्द जुड़े हुए होगे।
उदाहरण .- 
बच्चा दूध पीकर सो गया।
बच्चे पढ़कर घर चले गये।
नोट – जब दो क्रियाएँ या दो कार्य साथ – साथ चल रहे हो तो वहां पूर्व कालिक क्रिया न होकर क्रिया विशेषण  बन जाता है ।
उदाहरण –
दारा सिहं दौडते दौडते थक गया।
वह बैठकर पढ़ता है।
4 नाम धातु क्रिया 
परिभाषा – जब संज्ञा या विशेषण  शब्दों के साथ प्रत्यय लगा कर क्रिया का निर्माण किया जाए तो वहां नाम धातु क्रिया होती है।
उदाहरण – 
मुझपर दृष्य फिल्माया ।
वातावरण गर्माया।
रमा बतीयायी।
5 संयुक्त क्रिया 
परिभाषा – जब वाक्य में एक से अधिक क्रियाएँ इस प्रकार प्रयुक्त हो कि वे अन्त में जाकर एक ही मुख्य क्रिया का बोध कराए वहां संयुक्त क्रिया होती है।
उदाहरण – 
राम ने खाना खा लिया होगा।
पानी बरसने लगा।
मै तुम्हे देख लूँगा।
6 सहायक क्रिया 
परिभाषा – मुख्य क्रिया को पूर्ण होने में सहायता प्रदान करने वाले शब्दों को सहायक क्रिया कहते है।
उदाहरण – वह पढ रहा था।
निशा  खाना खा चुकी है।

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